काठमांडू (नेपाल), 15 जून 2026 — ब्रह्माकुमारीज़ राजयोग सेवा केंद्र, काठमांडू द्वारा आयोजित “कैनोपिथम स्पिरिचुअल अवेकनिंग फॉर वर्ल्ड रिन्यूल” अर्थात आध्यात्मिक जागृति द्वारा विश्व नवनिर्माण का राष्ट्रीय शुभारंभ भव्य एवं दिव्य वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन भक्तपुर स्थित जर्मन होम्स के विशाल सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 2000 लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल के राष्ट्रीय सभा अध्यक्ष श्री नारायण प्रसाद दाहाल रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान और तकनीक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, किंतु आध्यात्मिक मूल्यों के अभाव में समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा राजयोग ध्यान के माध्यम से मानवीय मूल्यों, नैतिकता और सकारात्मक जीवन शैली के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
अजमेर स्थित शांतिवन से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. उषा ने अपने संदेश में कहा कि
आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का अभ्यास व्यक्ति के विचारों, संस्कारों एवं व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर विश्व नवनिर्माण का आधार बनता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आत्म-जागृति अर्थात “मैं कौन हूं” और जीवन के उद्देश्य की पहचान ही वास्तविक आध्यात्मिक क्रांति है।
काठमांडू जोन के निदेशक बी.के. राज ने बताया कि
आत्म-जागृति और परमात्म-जागृति के निरंतर राजयोग अभ्यास से संस्कारों का शुद्धिकरण होकर व्यक्ति दिव्य गुणों को आत्मसात कर सकता है।
कार्यक्रम में सांसद रुकेश रंजीत सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन से पूर्व रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।
इस अवसर पर 550 धारणा मूर्त भाई-बहनों का सम्मान किया गया तथा लगभग 4000 साधकों के लिए विशेष राजयोग तपस्या सत्र का आयोजन हुआ। साथ ही 200 समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी विशेष सम्मान किया गया।
आयोजन में उपस्थित वक्ताओं ने इस अभियान को समाज में नैतिक, चारित्रिक, शैक्षिक एवं आध्यात्मिक उत्थान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और इसे विश्व शांति एवं नवयुग निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।






























